शनिवार, 1 जुलाई 2017

मौसम तो नहीं कह दिया.....




क्या हुआ है जो बदला है
 इस तरह समां
मौसम तो नहीं कह दिया
 दिवाने को....

18 टिप्‍पणियां:

  1. सही कहा आपने .........यात्रा कहीं से शुरू हो वापसी घर पर ही होती है :)

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  2. आज सब ब्लॉग पर वापस आये है |

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  3. वाह लाजवाब, शुभकामनाएं.
    #हिंदी_ब्लागिँग में नया जोश भरने के लिये आपका सादर आभार
    रामराम
    ०९१

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  4. सार्थक रचना..
    अंतरराष्ट्रीय हिन्दी ब्लॉग दिवस पर आपका योगदान सराहनीय है. हम आपका अभिनन्दन करते हैं. हिन्दी ब्लॉग जगत आबाद रहे. अन्नत शुभकामनायें. नियमित लिखें. साधुवाद
    #हिन्दी_ब्लॉगिंग

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  5. हिंदी ब्लॉगिंग की नव-स्मित मुदित कर रही है। हाज़िरी मेरी।

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  6. जो भी बदला है सच में वो बसंत सा है
    या यूँ कहें
    बेटी मायके आई है

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  7. क्या बात कही वाह , हार्दिक मंगलकामनाएं आपको !

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  8. चार लाइन वो भी इतनी खूबसूरत :)

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  9. अन्तर्राष्ट्रीय ब्लोगर्स डे की शुभकामनायें .... #हिन्दी_ब्लॉगिंग

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  10. वाह बहुत सुंदर

    शुभकामनाएं

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  11. ओ रे ... क्या कह दिया ४ पंक्तियों में .... कमाल है.

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  12. क्या बात ... ये मौसम बार बार आये ...

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