शनिवार, 1 जुलाई 2017

मौसम तो नहीं कह दिया.....




क्या हुआ है जो बदला है
 इस तरह समां
मौसम तो नहीं कह दिया
 दिवाने को....

गुरुवार, 15 सितंबर 2016

तब ही समझ तुम पाओगे.....

 पगतलियों के छालों को सहलाते
भींचे लबों से
जब कुछ गुनगुना पाओगे
अश्रु छिपे कितने

मुस्कुराती आँखों के सागर में
तब ही  समझ तुम पाओगे .....

रंग रूप यौवन चंचलता से
नजर चुरा कर
जब मिलने आ पाओगे
सौन्दर्य रूह का कितना उज्जवल
कितना पावन
तब ही समझ तुम पाओगे ....

शनिवार, 5 दिसंबर 2015

शून्य ही सही!!



तुम
एक से नौ की
कोई संख्या
मैं तुम्हारे बाद का शून्य!

मैं शून्य ही सही
बस तुम्हारे बाद हूँ!!